हम मिट्टी के बेटे हैं धूप में ढली ये जान
[Verse 1] हम मिट्टी के बेटे हैं धूप में ढली ये जान सीने पे धड़कन लिखती अपना वीर इतिहास कदमों की थकन में भी जिद का जलता विचार गिरकर भी हँसते हैं हम फिर करते आगाज़ [Chorus] हम उठने को जन्मे हैं राज करने को बने हैं इंडी रॉयल इंडी रॉयल (हे!) ये ताज नहीं ये ज्वाला है आवाज़ों में साहस है नाम हमारा सम्मान इंडी रॉयल इंडी रॉयल हर दिल में नई पहचान [Verse 2] काँटों भरी ये राहें फिर भी बढ़े हम यार आँसू की हर बूंद से गढ़ डाला स्वर्णिम काल ज़ंजीरें टूटती जाएँ हर कदम एक हुंकार भीड़ से अलग जो निकले वो बनते अगुवा आज [Bridge] [कम आवाज़ गहरी साँसें] डर के साए छोटे पड़ें जब खड़ा हो सच्चा इरादा छाती तान के बोल उठा मेरा हक़ मेरी ज़मीन मेरा वादा [Chorus] [Chorus]





